जॉर्ज सोरोस। जिसके बारे में हर ट्रेडर को पता होना चाहिए।


दुनिया दर्जनों दिग्गज ट्रेडर और निवेशकों को जानती है, लेकिन उनमें से बहुत कम ही सही मायने में सफल रहे हैं। जॉर्ज सोरोस की सफलता के बारे में कोई संदेह नहीं है: दशकों का अनुभव, ट्रेडों में प्रवीण, और बाजार के लिए उनका अनूठा दृष्टिकोण खुद बयान करते हैं।

इस लेख में कोई नैतिक मूल्यांकन नहीं होगा। हम आपको उनके जीवन के बारे में कुछ तथ्य बताना चाहते हैं जो ट्रेडर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

 

बाल्यावस्था, युवावस्था, आदर्श

जॉर्ज सोरोस की बाल्यावस्था 20वीं सदी की सबसे अशांत अवधि में थी इसलिए एक अलग कहानी के लायक है। 1944 में हिटलर ने हंगरी पर कब्जा किया और हंगरी के यहूदियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर दमन किए गए। जॉर्ज का परिवार नकली दस्तावेजों द्वारा बच गया और कम्युनिस्टों के सत्ता में आने के बाद वहां से पलायन किया।

1947 में, सोरोस परिवार ब्रिटेन में पहुँच गया। यह वह जगह है जहां भाग्य ने उन्हें “ओपन सोसाइटी” के प्रसिद्ध विचारक, कार्ल पॉपर के संपर्क में लाया। उनकी पुस्तक “ओपन सोसाइटी एंड इट्स एनीमीज़” ने भावी अरबपति के विश्व दृष्टिकोण की नींव रखी।

इस पुस्तक के बदौलत जॉर्ज सोरोस अभी भी स्वतंत्रता और परिवर्तन के समर्थक हैं। ट्रेडर के लिए इस दृष्टिकोण को अपनाना आवश्यक है, क्योंकि बाजार लगातार बदल रहा है। ब्याज दरें बदलती रहती हैं, संकट जब-तब बाजारों को हिलाता रहता है, वही परिसंपत्ति चार्ट विपरीत रुझान दर्शा सकते हैं। ट्रेडिंग की दुनिया में “पारंपरिक रूप से टिकाऊ” कुछ भी नहीं है।

 

ट्रेडिंग का मार्ग

बीसवीं सदी के 50 के दशक में, कुछ ही वित्तीय बाजार में कारोबार शुरू कर सकते थे। यह एक विशेष क्लब था, मुख्य रूप से बहुत अमीर लोगों के लिए। सोरोस के इस समुदाय का सदस्य बनने की संभावना बेहद कम थी। वित्तीय दुनिया में प्रवेश करने से पहले, वह केवल हेबरड़ेशरी (छोटे-मोटे वस्तुएँ) माल के विक्रेता और तंबाकू उत्पादों के बिक्री प्रबंधक के रूप में काम करने में कामयाब रहे।

लेकिन एक दिन जॉर्ज ने रुक जाने और अपने करियर के रास्ते पर पुनर्विचार करने का फैसला किया। उन्होंने UK के सभी मर्चेंट बैंकों के प्रमुखों को नौकरी के आवेदन पत्र लिखने का अभूतपूर्व कदम उठाने का फैसला किया।

पहले इंटरव्यूज असफल रहे थे। यह एक खुशहाल संयोग था जब सोरोस को सिंगर एंड फ्रीडलैंडर द्वारा काम पर रखा गया था, जो एक हंगेरियन द्वारा संचालित बैंक था। लेकिन यह नौकरी एकदम सही नहीं थी।

एक नए काम की खोज ने उन्हें एक न्यूयॉर्क ब्रोकरेज कंपनी में ला खड़ा किया जो उनके एक विश्वविद्यालय मित्र के स्वामित्व में था। उस समय तक, सोरोस 26 साल का हो चूका था, और वित्तीय सफलता अभी भी एक दूर का सपना था। हालांकि, यह तब था, जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सट्टेबाज (स्पेकुलेटर) के रूप में की: वे एक वास्तविक मध्यस्थ ट्रेडर बन गए।

 

“अंधों में काना राजा”

50 के दशक के अंत और 60 के दशक की शुरुआत में, संयुक्त राज्य अमेरिका के निवेशक यूरोपीय शेयरों में kam प्रवीण थे, जो बाद में देश में बेहद लोकप्रिय बन गया। जॉर्ज सोरोस तुरंत चीज़ों के बीच पड़ गए: एक यूरोपीय बैंक में उनके अनुभव ने उन्हें इस व्यवसाय में कुछ अंतर्दृष्टि (ज्ञान) दी।

अपनी पुस्तक “सोरोस ऑन सोरोस : स्टेइंग अहेड ऑफ द कर्व” में, जॉर्ज ने खुद को “इन्वेस्टमेंट बूम लीडर” और “अंधों के बीच काना राजा” कहा। जेपी मॉर्गन और ड्रेफस फाउंडेशन ने उनकी राय को अस्वीकार किया। इसलिए सोरोस ने 30 साल की उम्र में अपने करियर की पहली छलांग लगाई।

 

गहन गतिविधि और धन में गिरावट।

थोड़े समय के अवकाश के बाद सोरोस ने भारी निवेश करना शुरू कर दिया। 70 के दशक के प्रारंभ में, उन्होंने कई निवेश कोष स्थापित किए, जिनकी कुल पूंजी लाखों डॉलर से अधिक की थी।

1978-79 में, सोरोस और उनके साथी जिम रोजर्स ने प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) क्षेत्र में निवेश करना शुरू किया, जिसे वॉल स्ट्रीट के निवेशकों ने नजरअंदाज कर दिया था। तब उन्हें एक मनोवैज्ञानिक संकट से गुज़रना पड़ा, अपनी पत्नी से तलाक और 1981 के आर्थिक संकट ने उनके फंड को 400 मिलियन डॉलर से घटाकर 200 मिलियन डॉलर कर दिया था।

 

1992. “बैंक ऑफ़ इंग्लैंड अपने घुटनों पर”

बहु-आयामी व्यक्ति होने के नाते, सोरोस ने अपनी परिसंपत्ति की पसंद को सीमित नहीं किया। उन्होंने स्टॉक और बॉन्ड, जटिल आर्बिट्राज ट्रेड और तेल पर ध्यान दिया। विदेशी मुद्रा बाजार भी कोई अपवाद नहीं था। सितंबर 1992 में सोरोस द्वारा ब्रिटिश पाउंड को कमज़ोर करना विदेशी मुद्रा पर उनकी सबसे आश्चर्यजनक सफलता बन गई।

16 सितंबर 1992 को हुए अवमूल्यन के संकट के कारण, बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दर को बढ़ाया और मुद्रा विनिमय से पाउंड का समर्थन किया। पाउंड को कम करके, जॉर्ज सोरोस ने लगभग 1 बिलियन डॉलर का लाभ कमाया।

तब से, जॉर्ज सोरोस ने विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बारे में बार-बार अपने पूर्वानुमान साझा किए हैं, जो सख्ती और प्रतिबंधों के आधार पर किसी भी प्रणाली की कमजोरी को इंगित करते हैं।

 

सेवानिवृत्ति और वापसी।

2004 में, जॉर्ज सोरोस ने व्यवसाय से हटने का फैसला किया। उनके बेटे 13 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी के साथ एक विशाल साम्राज्य के उत्तराधिकारी बने। लेकिन गुरु ज्यादा देर तक ओझल में नहीं रहे सके।

वह पहली बार 2007 में वैश्विक वित्तीय संकट की पूर्व संध्या पर व्यापार में लौट आए। तब भी, वह अमेरिकी मोर्टगेज क्षेत्र की स्थिति के बारे में चिंतित थे। दो वर्षों में, उन्होंने इस पर लगभग $1 बिलियन अर्जित किए। अगली वापसी सात साल बाद हुई। समाचार पत्रों ने बताया कि सोरोस ने अपनी 86 वर्ष की आयु के बावजूद कार्यालय में बहुत समय बिताना शुरू कर दिया था।

हाल के वर्षों में, दिग्गज फाइनेंसर सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उनके फंड दुनिया भर के गैर-लाभकारी संगठनों को प्रायोजित करते हैं, और इसलिए उन पर नियमित रूप से राज्यों की नींव को कमज़ोर करने और रंग क्रांतियों को प्रायोजित करने का आरोप लगाया जाता है।

 

सोरोस की तरह ट्रेड करें: 2 स्वर्ण सिद्धांत

सोरोस का अनुभव अद्वितीय है। ऐसा लग सकता है कि उनकी सफलता विशेष रूप से साहसी योजनाओं के कारण है, लेकिन उनकी रणनीति का मार्ग पिछली शताब्दी के मध्य में बना था। एक साक्षात्कार में, सोरोस ने बनाया की उन्होंने दो मुख्य सिद्धांत तैयार किए जिसने उन्हें सफल बनाया।

  • सिद्धांत एक: दुनिया के बाजार सहभागियों के विचार अनियमित और पक्षपाती हैं। उन्होंने इस सिद्धांत को “प्रिंसिपल ऑफ़ फेलसि” कहा।
  • सिद्धांत दो (प्रिंसिपल ऑफ़ रेफ्लेक्सिविटी): अपूर्ण विचार गलत कार्यों को जन्म देते हैं।

 

ट्रेडिंग में इन सिद्धांतों को कैसे लागू करें?

मान लीजिए कि अमेरिकी कच्चे तेल भंडार पर ट्रेडर को समाचार जारी होने का इंतजार है। जब भंडार बढ़ता है, तो तेल में गिरावट होती है। अपूर्ण रूप से सूचित ट्रेडर तेल वायदा अनुबंध बेचना शुरू कर देते हैं।

हालांकि, निश्चित रूप से निवेशकों का एक समूह है जो जानता है कि मेक्सिको की खाड़ी में जल्द ही एक गंभीर तूफान आने वाला है, तेल रिफाइनरियां बंद हो जाएंगी, और काले सोने का उत्पादन सामान्य स्तर से नीचे गिर जाएगा। यह तेल की कीमत के लिए एक सकारात्मक कारक है।

इस स्थिति में, पेशेवर निवेशकों का एक समूह सामान्य व्यापारियों के पोजीशन में ओवरबिड कर सकता है और कमोडिटी की खरीद से कमा सकता है। यह वास्तव में होता है: निवेश कंपनियों और हेज फंड में अक्सर बड़ी मात्रा में डेटा होता है और इसलिए यह अधिक कुशलता से कार्य करता है।

 

अपने पूर्वाग्रहों को त्याग दें

जॉर्ज सोरोस हमें किसी भी सौदे के लिए सही सूचना आधार तैयार करके तर्क करना सिखाते हैं। यदि आप सफल होना चाहते हैं, तो किसी भी पूर्वाग्रह को त्याग दें। इस दुनिया में सब कुछ आगे बढ़ रहा है।

और सोरोस के अनुभव से हमें पता चलता है कि अपने स्वयं के विकास भी प्रासंगिकता खो सकते हैं। उनके अनुसार, जॉर्ज द्वारा विकसित निवेश रणनीतियों की प्रभावशीलता हाल के वर्षों में कम हुई है। सोरोस की पुस्तक “द अलकेमी ऑफ फाइनेंस” में उनके लोकप्रिय होने के कारण ऐसा हुआ है।

विदेशी मुद्रा और अन्य बाजारों में हर दिन, हजारों सूचना प्रवाह होते हैं। हमेशा सही रास्ता खोजना संभव नहीं है, लेकिन जॉर्ज सोरोस ने भी गलतियाँ कीं। हालांकि, उन्होंने आगे बढ़ने की इच्छा नहीं खोई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अमीरी और प्रसिद्धि प्राप्त हुई।

ट्रेडिंग करते समय हम सभी ऐसा अनुभव करते हैं, और इसलिए जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों के उदाहरण हमें महत्वपूर्ण सबक देते हैं। वे हमें आगे बढ़ने, प्रगति करने, बाजार, जानकारी, संपत्ति और धन के साथ काम करने के लिए प्रेरित करते हैं।


जोखिम चेतावनी:

दी गई जानकारी लेन-देन करने के लिए एक सिफारिश नहीं है। इस जानकारी का उपयोग करते समय, आप खुद अपने निर्णयों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होते हैं और ऐसे लेनदेन के वित्तीय परिणाम से जुड़े सभी जोखिमों को अपनाते हैं।

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