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US डॉलर क्यों बढ़ रहा है और US फेड की क्या योजनाएं हैं?

Why is Dollar Rising in 2022 Official Olymp Trade Blog

अमेरिका में मौजूदा मुद्रास्फीति पिछले 4 दशकों के उच्चतम स्तर पर है। अमेरिकी डॉलर विशेष रूप से बढ़ रहा है। US फेड अगले 2 साल में ब्याज दरों में कई बार बढ़ोतरी कर सकता है। साथ में, ये तथ्य और संभावनाएं उन ट्रेडर्स को डरा सकती हैं जो केवल EUR/USD और USD के साथ अन्य जोड़ियों में ट्रेड निरंतर रखना चाहते हैं। इस लेख का उद्देश्य उन्हें USD की संभावित गतिशीलता की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करना है।

विषय-वस्तु:

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US की आर्थिक आउटलुक

मोटे तौर पर, अमेरिका की घरेलू मुद्रास्फीति अमेरिका में पिछले कुछ वर्षों में मुद्रा आपूर्ति में भारी वृद्धि से प्रेरित थी। पिछले साल उत्पादित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि इसके परिणामों में से एक थी। विशेष रूप से, खाद्य और वैश्विक तेल की कीमतें दुनिया भर में और अमेरिका में बढ़ी हैं।

यूनाइटेड स्टेट्स ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स के डेटा से संकेत मिलता है कि अप्रैल 2022 में, अमेरिका में मुद्रास्फीति में पिछले महीने की तुलना में महीने-दर-महीने 0.3% की वृद्धि हुई थी। अप्रैल 2022 में साल-दर-साल वृद्धि 2021 में इसी महीने के मुकाबले 8.3% थी। बाद वाला आंकड़ा हाल के दशकों में सबसे बड़ा है। यह अमेरिका में तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति की गतिशीलता की ओर इशारा करता है जिसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर हानिकारक प्रभाव पड़ा है।

उपरोक्त बातें US फेड की मौद्रिक नीति को पहले की योजना की तुलना में तेजी से कड़ा करने की प्रवृत्ति की व्याख्या करती हैं। देश में बढ़ते वेतन और कम बेरोजगारी ऐसे अतिरिक्त कारक हैं जिन्होंने संभवतः फेड को यह नीति चुनने में योगदान दिया है। आम तौर पर, फेड से उम्मीद की जाती है कि मुद्रास्फीति को कम करने के लिए वह अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ा दे।


दरों में बढ़ोतरी से अमेरिकी डॉलर में तेजी आने की संभावना है।


परिणामस्वरूप, विश्व भर की मुद्राएं संभवतः USD के मुकाबले अपने सापेक्ष मूल्य को खो देंगी।

वैश्विक आर्थिक आउटलुक

यूक्रेन में संघर्ष और वैश्विक आर्थिक जोखिम

2022 में, US फेड अध्यक्ष, Jerome Powell, ने टिप्पणी की कि रूस-यूक्रेन संघर्ष वैश्विक आर्थिक विकास को खतरे में डाल सकता है और अतिरिक्त मुद्रास्फीति की जोखिम ला सकता है। जबकि अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों के नेताओं ने उस राय का समर्थन किया, मास्को के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तब भी जारी रहे। फिर भी, क्रेमलिन का रुख ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ।

कोरोनावायरस

2020 में महामारी की शुरुआत के दो साल बाद, कोरोनावायरस वैश्विक एजेंडे में फिर लौट आया है। चीन ने उच्च संक्रमण दर की सूचना दी और प्रमुख शहरों में सख्त लॉकडाउन लगाने की घोषणा की। यूरोप ने प्रतिबंध उस समय हटाए जब वायरस ने संक्रमण की एक नई लहर के साथ इस क्षेत्र में प्रवेश किया। नतीजतन, मामलों की संख्या फिर से बढ़ गई।

यूक्रेन संघर्ष पर विफल वार्ता के साथ विरोधाभासी महामारी रिपोर्टों ने वैश्विक आर्थिक भावना में चिंता पैदा कर दी है।

EUR/USD पर प्रभाव

यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने दरों में संभावित बढ़ोतरी की घोषणा की है। आम तौर पर, योजना से काफी पहले ब्याज दर में वृद्धि करना ट्रेडर्स के लिए एक सकारात्मक माहौल पैदा करता है और राष्ट्रीय मुद्रा को ऊपर धकेलता है। EUR के साथ ऐसा नहीं था। इस मुद्रा की बिकवाली ने संकेत दिए कि निवेशक स्टैगफ्लेशन को लेकर चिंतित थे।


उन्हें धीमी आर्थिक विकास, या मुद्रास्फीतिजनित मंदी (स्टैगफ्लेशन) के साथ उच्च मुद्रास्फीति और बेरोजगारी दर की संभावनाएं एक गंभीर आर्थिक जोखिम के रूप में दिखाई दीं।


मई 2021 से EUR/USD में गिरावट जारी है। बाजार की सतर्क भावना के कारण अमेरिकी डॉलर में सुरक्षित निवेश का प्रवाह हुआ, जिसने EUR/USD को नीचे की ओर दबाया। यूरो उस आर्थिक खतरे से और अधिक दबाव में था जो यूरोजोन में यूक्रेन संकट ला सकता है।

इस तथ्य के बावजूद कि ECB अध्यक्ष Christine Lagarde ने टिप्पणी की कि यूरोजोन में मुद्रास्फीतिजनित मंदी का कोई संकेत नहीं है, मुद्रा जोड़ी का रुझान नीचे की ओर बना हुआ है।

EUR/USD चार्ट - Olymp Trade - ब्लॉग - 06.04.2022
Fig. 1. EUR/USD के प्राइस प्रदर्शन को एक दिन के टाइम फ्रेम पर SMA-200 के साथ चार्ट किया गया है।

तकनीकी विश्लेषण के दृष्टिकोण से, हम देखते हैं कि EUR/USD का 200-SMA से एक बड़ा विचलन है। नतीजतन, हम EUR में करेक्शन आने की उम्मीद कर सकते हैं। निकटतम रजिस्टेंस लेवल 1.06420 (5 मई की स्थानीय उच्चतम ऊंचाई से) पर स्थित है।

परंपरागत ऑप्शंस विश्लेषण के अनुसार, 1.07500 के स्ट्राइक प्राइस और दो महीने की एक्स्पाइरी तिथि के साथ पुट-ऑप्शंस का डेल्टा 0.69 के बराबर है। इसका मतलब है कि अधिकांश ट्रेडर्स का मानना है कि अगले कुछ महीनों में इसकी कीमत 1.07500 के लेवल से नीचे रहेगी। नवीनतम CFTC रिपोर्ट के अनुसार EUR की लॉन्ग पोज़ीशन की मात्रा में काफी वृद्धि हुई है।


अभी भी भौगोलिक व राजनीतिक कारकों द्वारा ही EUR/USD प्राय संचालित होगा।


संयुक्त रूप से, रूस-यूक्रेन संघर्ष के घटनाक्रम के साथ फेड और ECB की विपरीत मौद्रिक नीति के प्रति बाजार की धारणा EUR/USD को प्रभावित करने वाला केंद्रीय विषय रहेगा।

इसलिए, हमारा सुझाव है कि ट्रेडर लॉन्ग या शॉर्ट पोज़ीशन खोलने का निर्णय लेते समय इन कारकों पर ध्यान दें। यदि संघर्ष जारी रहता है तो हमें ऊर्जा की कीमतों में कमी आने की उम्मीद नहीं है। नतीजतन, संभवत मुद्रास्फीति निरंतर बढ़ती रहेगी। ध्यान दें कि यह उपभोक्ता मुद्रास्फीति नहीं है, बल्कि वह मुद्रास्फीति है जो उन कारकों पर निर्भर करती है जो US फेड या ECB के नियंत्रण से बाहर हैं, कम से कम अभी के लिए। इसके अलावा, पिछले दो वर्षों से मौद्रिक सहजता बनाए रखने के कारण मुद्रास्फीति की स्थिति बिगड़ने की संभावना है। हमारा मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में निवेशक यूरो रखने के बजाय अमेरिकी डॉलर खरीदना अधिक पसंद करेंगे।

कुछ पूर्वानुमानों के अनुसार, हम जल्द ही EUR/USD में समता देखेंगे। इसका मतलब है कि EUR/USD के मूल्य के उतार-चढ़ाव में ऊपर की ओर की सभी करेक्शन को USD में लॉन्ग पोज़ीशन बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। तो, क्या USD बढ़ेगा? हमारा मानना है कि इसकी संभाव्यता बहुत अधिक है।

EUR/USD में ट्रेड करें

जोखिम चेतावनी: लेख की सामग्री में निवेश की सलाह निहित नहीं है और आप अपनी ट्रेडिंग गतिविधि और/या ट्रेडिंग के परिणामों के लिए पूरी तरह से स्वयं जिम्मेदार हैं।

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