विशेषज्ञ समीक्षा

प्रमुख क्षेत्रों की GDP। क्या वे ठीक हो पाएंगे?

विचार करने लायक बाजार की शीर्ष समस्याएँ


Olymp Trade विशेषज्ञों की व्यापारिक सिफारिशों के साथ मध्यावधि विश्लेषणात्मक समीक्षा दुनिया के प्रमुख क्षेत्रों में सकल घरेलू उत्पाद की गतिशीलता के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की आर्थिक नीतियों के प्रारंभिक परिणामों और स्टॉक बाजार पर इन कारकों के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने के साथ प्रकाशित की जाती है।

 

पिछले महीने की सबसे मजबूत गतिविधियां

  • AUD/USD 3.84%… जिसका तात्पर्य है कि $100 और एक X100 गुणक के साथ, आप आसानी से $384 कमा सकते थे।
  • NZD/USD 3.24%… जिसका तात्पर्य है कि $100 और एक X100 गुणक के साथ, आप आसानी से $324 कमा सकते थे।
  • Twitter 10.83%… जिसका तात्पर्य है कि $100 और एक X20 गुणक के साथ, आप आसानी से $216.60 कमा सकते थे।

पिछले एक महीने के दौरान, वैश्विक शेयर सूचकांकों ने बहुत अलग तरीके से व्यवहार किया। जबकि अधिकांश यूरोपीय सूचकांकों में गिरावट आई, अमेरिकी S&P और NASDAQ ने ट्रेडरों को निराश नहीं किया और क्रमशः 1.9% और 3.85% की वृद्धि हुई। तो विश्व अर्थव्यवस्थाओं को क्या हो रहा है? चलिए पता करते हैं।

 

अमेरिकी GDP

अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने देश के मुश्किल समय में नेतृत्व को संभाला। कोरोना वायरस से जनित संकट अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। यह दुनिया में और विशेष रूप से अमेरिका में महामारी की परिस्थिति है जो अब मुख्य आर्थिक संकेतक – GDP पर एक बड़ा प्रभाव डाल रही है।

बाइडेन ने पूरे देश में टीकाकरण कार्यक्रम को चलाया और अब तक पूरी आबादी के आधे से भी कम लोगों को टीका लगाया गया है। हालांकि, वायरस और अधिक भयंकर बन सकता है। अधिक समय पहले की बात नहीं, ग्रेट ब्रिटेन में नए भारतीय कोविड -19 प्रकार ने संक्रमण दर को पांच गुना बढ़ा दिया था। यह देखते हुए कि UK में लगभग 50% लोगों को टीका भी लगाया गया है, यह नया प्रकोप उन सभी सकारात्मक सुधार गति में बाधक बन है जो अब हम देख रहे हैं।

अब एक साल पीछे चलते हैं। संकट का प्रमुख झटका निश्चित रूप से 2020 की दूसरी तिमाही में आया, जब अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद में रिकॉर्ड 31.7% की गिरावट आई। इससे पहले, इतिहास में सबसे खराब अवधि 1958 की पहली तिमाही थी जिसमें सकल घरेलू उत्पाद में 10% की गिरावट और 2008 की चौथी तिमाही में 8.4% की गिरावट आई थी।

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नतीजतन, 2020 के अंत तक, अमेरिकी GDP 3.5% गिर गया। परिणाम मॉर्गेज संकट के बाद से भी बदतर था जब GDP में 2.5% की गिरावट आई थी। यह ठीक 11 साल पहले था, जब मुख्य आर्थिक संकेतक को पिछली बार वार्षिक गिरावट का सामना करना पड़ा था।

बाइडेन प्रशासन के तहत, 2020 की चौथी तिमाही में GDP में 4.3% की वृद्धि हुई, और 2021 की शुरुआत भी विकास की सकारात्मक गतिशीलता दिखा रही है। पहली तिमाही में कुल 6.4% की वृद्धि हुई।

स्वाभाविक रूप से, सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि ऐसे ही शुरू नहीं हुई थी, लेकिन यह कम ब्याज दरों की नीति और फेडरल रिजर्व सिस्टम द्वारा सरकारी बॉन्ड बायबैक का परिणाम था। नतीजतन, अमरीकी डालर में काफी गिरावट आई है। मध्यावधि में, हम उम्मीद कर सकते हैं कि USD मजबूत होगा। मुद्रास्फीति की वृद्धि फेड को ब्याज दरें बढ़ाने और QE में कटौती करने के लिए उत्साहित करेगी, जिसका अर्थ है कि राष्ट्रीय मुद्रा में बढ़त हो सकती है।

 

U.K. GDP

UK GDP आंकड़ा भी चौंकाने वाला नहीं तो कम से कम हतोत्साहित करने वाला था। 2020 की दूसरी तिमाही के लिए अर्थव्यवस्था में 21.5% की गिरावट आई है। पूरे वर्ष के लिए अर्थव्यवस्था में लगभग 4.3% की गिरावट आई है।

UK अपने “बड़े भाई” के साथ सक्रिय रूप से मात्रात्मक सहजता की नीति का अनुसरण कर रहा है। दूसरे शब्दों में, आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए बाजारों में अतिरिक्त धन की प्रवाह करना। M1 मुद्रा आपूर्ति जून 2020 में 2 ट्रिलियन पाउंड से बढ़कर 2021 में 2.25 ट्रिलियन हो गई है। ब्रिटिश QE कार्यक्रम की गणना 895 बिलियन पाउंड की गई है। इस पृष्ठभूमि के आधार पर, ब्रिटिश FTSE-100 व्यावहारिक रूप से आधे साल में 5,500 अंक से बढ़कर 7,000 अंक से अधिक हो गया। भले ही महंगाई सम्भले नहीं, सब कुछ ठीक हो जाएगा…

अमेरिका की तरह, यूनाइटेड किंगडम को और अधिक मौद्रिक सख्ती का रास्ता अपनाने की आवश्यकता होगी, जिसका अर्थ है समय के साथ ब्याज दरों में वृद्धि। हालांकि, इससे ब्रिटिश पाउंड को कितनी मदद मिलेगी, यह देखने वाली बात होगी। हमें लगता है कि मध्यावधि में GBP/USD जोड़ी में गिरावट जारी रहेगी।

 

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड GDP

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्थाओं को भी कोरोनावायरस संकट का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया का सकल घरेलू उत्पाद पिछले वर्ष की तुलना में 6% गिरा और न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था तो और भी खराब थी, पिछले वर्ष के मध्य में 11% से अधिक की गिरावट आई।

फिलहाल स्थिति कुछ हद तक सुधर रही है। बहुत न्यून ब्याज दरों की पृष्ठभूमि के आधार पर (ऑस्ट्रेलिया में 0.1% और न्यूजीलैंड में 0.25%), अर्थशास्त्रियों ने इन देशों के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि इंगित किया है। इस वर्ष की पहली तिमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया की GDP में 1.8% और न्यूजीलैंड की GDP में 1.6% की वृद्धि हुई।

इसी बीच इन मुद्राओं के साथ एक दिलचस्प बात हुई। चूंकि अमेरिकियों ने पहले ही QE कार्यक्रम को बंद करने की संभावना पर खुलकर चर्चा करना शुरू कर दिया है, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने अभी तक इस तरह के स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं। 2021 में AUD/USD और NZD/USD मुद्रा जोड़े में गिरावट आई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फरवरी में 0.8000 से गिरकर लगभग 0.74000 (7.5%) हो गया, और न्यूज़ीलैंड डॉलर 0.74600 से गिरकर 0.69200 (7.2%) हो गया।

मध्यावधि में, हम उम्मीद करते हैं कि AUD/USD और NZD/USD में गिरावट जारी रहेगी। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, AUD/USD के लिए समर्थन 0.70500 पर है और NZD/USD के लिए समर्थन 0.67000 पर है।

 

यूरोपीय GDP

यूरोपीय GDP के साथ भी स्थिति सुधर रही है। इस तथ्य के बावजूद कि आर्थिक विकास नकारात्मक बना हुआ है (Q1 2021 में GDP 1.3% गिर गया), अर्थव्यवस्था में 15% की गिरावट आने पर भयावहता का कोई निशान बाकी नहीं है।

बेशक, मात्रात्मक सहजता के साथ शून्य ब्याज दर नीति, ने भी मदद की। ECB की मार्च 2022 के अंत तक अर्थव्यवस्था में लगभग 1.85 ट्रिलियन यूरो डालने की योजना है। अमेरिकी फेड की तुलना में, यूरोपीय बैंक कार्यक्रम बहुत कम गंभीर नज़र आता है।

जैसा कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के मामले में, ट्रेडरों ने यूरो बेचने का फैसला किया। EUR/USD 1.23000 से गिरकर 1.17000 पर आ गया।

सबसे अधिक संभावना है, EUR/USD जोड़ी कमजोर होना जारी रखेगा। पहला लक्ष्य एक बार फिर 1.17000 का है।

 

आशा करना

संकट का समाधान इतनी आसानी से नहीं हो सकता है। किसी भी समाधान के साथ, नकारात्मक परिणाम होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात अब मुद्रास्फीति की गति है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में यह फेड के 2% के लक्ष्य के विरुद्ध रिकॉर्ड 5% की वृद्धि पर है। अमेरिका में मुद्रास्फीति सितंबर 2008 के बाद से अपने उच्चतम दर पर पहुंच गई है।

फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि कीमतों का दबाव आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं के कारण है और यह जल्द ही समाप्त होगा। हालांकि, इस स्थिति में कुछ संदेह हैं और मुद्रास्फीति की दर में वृद्धि लंबी चल सकती है। इस बीच, हम अच्छी तरह से जानते हैं कि उच्च मुद्रास्फीति अर्थव्यवस्था के वास्तविक विकास में से कुछ में “सेंध” लगाएगी।

हमें जल्द ही ज्ञात होगा कि विकास का अनुमान क्या रहेगा। गुरुवार 29 जुलाई को इस साल की दूसरी तिमाही के लिए GDP का अग्रिम अनुमान प्रकाशित किया जाएगा। फिर, अगस्त में (प्रारंभिक दूसरा अनुमान) और सितंबर में (अंतिम संस्करण), आंकड़ों को संशोधित किया जाएगा, इसलिए बाजारों पर सबसे बड़ा प्रभाव पहले “अग्रिम” अनुमान के समय का होगा।

अटलांटा फेड के GDPNow के पूर्वानुमान के अनुसार, दूसरी तिमाही में अमेरिकी GDP 11% की दर से बढ़ेगी। साथ ही, सकारात्मक गतिशीलता को जारी रखने के लिए, विकास को 6.4% से अधिक होना आवश्यक है। यह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा वार्षिक GDP पूर्वानुमान है। यदि 29 जुलाई को प्रकाशित आंकड़ा इन संख्याओं से कम आता है, तो USD गंभीर दबाव में होगा और अल्पावधि में गिरने की संभावना है।

सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक परिणामों के लिए, मुद्रास्फीति की गति नियामकों को अपने QE कार्यक्रमों को कम करने या बंद करने के लिए मजबूर कर सकता है, और फिर ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिसका अर्थ है कि शेयर बाजार में काफी गिरावट आ सकती है। तो तैयार रहें।

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