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विश्व आर्थिक संकट: Olymp Trade की विशेषज्ञ समीक्षा

आपको 2020 में समझदारी से निवेश करने के लिए क्या जानना जरूरी है


क्या यह कहना ठीक है कि संकट अचानक शुरू हुआ? नहीं। उस समय से मंदी विद्यमान था जब से अर्थव्यवस्था लंबे समय तक बिना लम्बे वापसी के तेजी से वृद्धि कर रही थी।

विद्यमान संकट समय समय पर फेडरल रिजर्व की दर में वृद्धि या चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापारिक युद्ध से जुड़ा था। लेकिन जोखिम कारक कम हो रहे थे।

2018 में, डोनाल्ड ट्रम्प ने फेड को अपनी योजनाओं को बदलने और मौद्रिक नीति को सख्त करने के विचार को त्यागने के लिए मजबूर किया। बीजिंग और वाशिंगटन के बीच व्यापार विवाद अचानक शांति से समाप्त हो गया।

नया खतरा अचानक से प्रकट हुआ। और अगर हम कोरोना वायरस की कृत्रिम उत्पत्ति और इसके नियोजित प्रकोप के बारे में COVID-19 साजिश सिद्धांत को ध्यान में नहीं रखते हैं, तो महामारी ने मुश्किल से अच्छी हो रही वैश्विक वित्तीय प्रणाली को फिर से जोखिम में डाल दिया ।

आगे क्या होने वाला है, यह कोई नहीं जानता। कई परिदृश्य हैं कि परिस्थिति कैसे विकसित हो सकती है। इस कठिन समय में, हमारा कार्य सही जानकारी प्राप्त करना और तथ्यों और तर्कपूर्ण रायों पर हमारे निवेश निर्णयों को आधारित करना है।

यदि आप यह समझना चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था को क्या हुआ था और क्यों सभी ने अचानक वित्तीय संकट के बारे में बात करना शुरू कर दिया, तो यह लेख काम आने वाला है। जो कुछ घटित हो रहा है उसका संक्षिप्त कालक्रम हमने उल्लेख और प्रासंगिक डेटा एकत्र किया है जो आपको सही विकल्प चुनने में मदद करेगा।

 

COVID-19। तीन परिदृश्य और कुछ आशावाद

शायद ही किसी ने सोचा होगा कि COVID ​​-19 कोरोना वायरस की महामारी वैश्विक क्वारेन्टीन, सीमा बंदी और राज्य “गुल्लक” के खोलने का कारण बनेगा। उच्च मृत्यु दर के साथ दुनिया को विभिन्न प्रकार के इन्फ्लूएंजा, SARS और अन्य खतरनाक बीमारियों से लड़ने का अनुभव है, इसलिए COVID-19 के लिए दुनिया की प्रतिक्रिया मुख्यतः देर से हुई है।

हालांकि, खतरे और क्वारेंटीन उपायों की क्रमिक पहचान नकारात्मक प्रक्रियाओं की श्रृंखला में पहला डोमिनो (घटक) था। और जब तक महामारी आधिकारिक रूप से पराजित नहीं होती है, तब तक किसी को आर्थिक और स्टॉक बाजार में सुधार की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

सामान्य तौर पर, स्थिति निम्नलिखित परिदृश्यों में से एक के अनुसार विकसित हो सकती है:

  1. धीरे-धीरे, मृत्यु दर न्यूनतम अंकों तक कम हो जाएगी। इसके साथ साथ, क्वरेन्टीन प्रतिबंधों को कम किया जाएगा। इस मामले में, आर्थिक सुधार होने में वर्षों लग सकते हैं।
  2. एक प्रभावी टीका बनाया जाएगा। तब तक, महामारी के प्रभाव को रोकने के लिए देश भारी संसाधन खर्च करेंगे, लेकिन एक बार टीका उपलब्ध हो जाते ही, अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने लगेगी।
  3. महामारी शून्य हो जाएगी, लेकिन नए COVID -19 या इसके म्युटेशन प्रकोप होंगे।

सच यह है कि कभी न कभी, महामारी समाप्त हो जाएगी, यह हमें आशावाद देती है। एक सदी से कुछ पहले, दुनिया को स्पेनिश फ्लू का सामना करना पड़ा था, जिसमें 25 मिलियन से 100 मिलियन लोगों की जान चली गई थी। कुल मिलाकर, दुनिया की आबादी का लगभग 30% प्रभावित हुआ था। डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक कोरोनावायरस बहुत कम खतरनाक है।

 

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे खराब स्थिति

COVID-19 स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रबंध निर्देशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने निम्न बात कही: “हम ग्रेट डिप्रेशन के बाद अब तक की सबसे खराब आर्थिक गिरावट का पूर्वानुमान लगा रहे हैं”।

सरकारें, केंद्रीय और वाणिज्यिक बैंक अब इस वर्ष आर्थिक मंदी का परिमाण की गणना करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, इस तिमाही में अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में एक तिहाई की गिरावट आ सकती है।

स्विस बैंक Credit Suisse के विश्लेषकों ने निम्न लिखा है: “अमेरिकी अर्थव्यवस्था 33.5% सिकुड़ जाएगी। इसका मतलब है कि 1 अप्रैल से 30 जून तक की अवधि में 1945 के सबसे खराब तिमाही की सरह रिकॉर्ड बन रहा है”।

बैंक ऑफ अमेरिका के विशेषज्ञों ने, जो पहले ही बताने की हिम्मत कर रहे थे कि अमेरिका मंदी में है, 12% की GDP गिरावट का अनुमान किया है।

यदि हम 2008 की वित्तीय संकट के साथ वर्तमान स्थिति की तुलना करते हैं, तो हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि वर्तमान संकट बहुत कठिन रहे वाला है। तुलना के लिए: 2008 की चौथी तिमाही में, GDP में गिरावट 6.3% तक सीमित थी। उसी समय, इस अवधि के दौरान S&P 500 सूचकांक में गिरावट लगभग 30% थी।

दूसरे शब्दों में, अमेरिकी शेयर बाजार का हालिया 35% सुधार के परिणाम स्वरूप आए उछाल इसका पहला संकेत था । संभवत इस कारण से, सोने में वर्ष की शुरुआत के समय से उच्च मांग रही है। अप्रैल में, इस कीमती धातु के मूल्य ने पिछले सात वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

लेकिन यह उन देशों के लिए सभी मायनों में सबसे खराब होगा, जिनकी अर्थव्यवस्था तेल निर्यात से निकटता से जुड़ी हुई है।

 

तेल: रूस की आपत्ति और सऊदी अरब का भुगतान

काले सोने के निर्यात करने वाले देशों ने 2016 में आपूर्ति और मांग संतुलन का सामना करने के लिए कदम उठाए, जब तेल बाजार के प्रमुख खिलाड़ियों ने तथाकथित OPEC+ समझौता किया – जो कि एक सौदा था सीमित समय के लिए तेल उत्पादन में कमी लाने के लिए।

हालांकि, कई अनुबंध एक्सटेंशन के बाद, पार्टियों के बीच ज़्यादा एकता नहीं थी। बाजार ने इक्वाडोर जैसे छोटे निर्यातकों के बयानों पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, उत्पादित कच्चे तेल की मात्रा में अतिरिक्त कटौती को मंजूरी देने में रूस के इनकार का मतलब था OPEC+ समझौता।

6 मार्च को, पार्टियां दूसरी कटौती के लिए सहमत होने में विफल रहीं। रूस, कजाकिस्तान और अजरबैजान ने कोटा की कटौती का समर्थन करने से इनकार कर दिया, जिसमें सऊदी अरब ने 80 के दशक के एक प्रसिद्ध दांव के साथ प्रतिक्रिया दिया – उसने तेल की कीमतों में कमी की और उत्पादन दरों में वृद्धि की घोषणा की। 1 अप्रैल तक, काले सोने की कीमत आधे से अधिक गिर गई थी: Brent 50 डॉलर से 23 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गया, WTI 46 डॉलर से 20 डॉलर तक गिर गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए रूस और सऊदी अरब के शीर्ष अधिकारियों को एक साथ लाकर तेल गतिरोध में हस्तक्षेप किया। वैसे, अमेरिका के विशेष विभागों ने रूस और सऊदी अरब दोनों के खिलाफ संभावित प्रतिबंध को अनुमति दी, यदि इन देशों के बीच कोई समझौता नहीं होता है तो।

लेकिन जब तेल उत्पादक बातचीत कर रहे थे, पूरी दुनिया ने COVID-19 महामारी की गंभीरता को नकारना शुरू कर दिया और अतिवादी उपाय करने शुरू कर दिए। व्यावसायिक गतिविधि में मंदी, बिक्री में गिरावट और निर्यात और आयात के प्रवाह में व्यवधान के कारण तेल की खपत में गिरावट आई है, लेकिन उत्पादन बंद नहीं हुआ है।

 

बाजार “लहूलुहान” होना ही था

OPEC + के सहभागियों ने प्रतिदिन लगभग 10 मिलियन बैरल से उत्पादन कम करने पर सहमति व्यक्त करने के बाद निवेशकों को थोड़ी देर के लिए शांति मिली। हालांकि, भण्डारण में वृद्धि ने बिक्री की एक नई लहर पैदा की।

साप्ताहिक रूप से कम से कम 13 मिलियन अतिरिक्त बैरल दर्ज किए गए थे, इसलिए व्यापारियों ने जल्दी से भंडारण क्षमता को कम करने के बारे में सोचना शुरू कर दिया।

बाजार में विसर्जन की तत्काल आवश्यकता थी, क्योंकि तनाव वास्तव में बहुत अधिक था। इसके कारण WTI क्रूड फ्यूचर्स में अभूतपूर्व गिरावट आई। मई डिलीवरी का अनुबंध सस्ता नहीं था। पहली बार, तेल की कीमत नकारात्मक क्षेत्र में बंद हुई और – $ 40 प्रति बैरल पर पहुंच गई!

बेशक, इस प्रकार के साधनों की बारीकियों ने अपनी भूमिका निभाई – फ्यूचर्स का सीमित संचलन अवधि होता है, और व्यापारियों ने उनकी समाप्ति से पहले इन अनुबंधों से छुटकारा पाना शुरू कर दिया (किसी को वास्तविक तेल वितरण की आवश्यकता नहीं है)।

लेकिन यदि हम एक्सचेंज अनुबंधों की सूक्ष्मताओं में गहराई तक नहीं जाते हैं, तो हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि अब तेल की कीमत न तो $100 और न ही $50 हो सकती है। यह भंडारण स्थलों में कच्चे माल के अतिरिक्त भंडार, इसकी मांग में गिरावट और वैश्विक मंदी से स्पष्ट नज़र आ रहे हैं।

काले सोने की कम कीमतें मुख्यत: उन देशों को प्रभावित करेंगी जिनके बजट तेल निर्यात से अर्जित राजस्व के ऊपर निकटता से जुड़े हुए हैं – उदाहरण के लिए, मध्य पूर्व के देश, मेक्सिको, नॉर्वे और रूस।

आम तौर पर, वे संचित भंडार के सहायता से ऐसी स्थिति से आसानी से बच सकते हैं। लेकिन COVID-19 महामारी द्वारा उत्पन्न आर्थिक संकट के लिए अधिक खर्च की आवश्यकता है।

 

क्या तेल उद्योग सकारात्मक गतिशीलता दिखाएगा?

हमें ऊर्जा क्षेत्र के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ से इस मुद्दे पर एक टिप्पणी प्राप्त हुई:

“यदि सऊदी अरब, अमेरिका और रूस उत्पादन को कम करने के लिए समझौते पर जल्दी कदम नहीं उठाते हैं, तो मौजूदा मांग के माहौल में कीमतें और गिरेंगी।

कीमत बढ़ाने का एकमात्र गैर-विनाशकारी तरीका चीन और अमेरिका दोनों देशों में आर्थिक गतिविधि को बढ़ाना है। उस स्थिति में, यदि खपत उत्पादन से ज्यादा हो जाता है, तो हम भाव में क्रमिक वृद्धि देख पाएंगे। हालांकि, वैश्विक आर्थिक स्थितियों के आधार पर, ऐसा होने की संभावना ना के बराबर है।

अतीत में, बाजारों को अक्सर एक या एक से अधिक तेल निर्यातक देशों में शत्रुता होने के कारण बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति होने से ‘बचाया’ जाता रहा है। उदाहरण के लिए, पिछले कुछ दशकों में लीबिया, इराक और वेनेजुएला में संघर्षों के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है।

अच्छे ट्रेडर तेल उत्पादन वाले क्षेत्रों में ‘सैन्य परिचालन’ में अचानक वृद्धि पर नज़र रख रहे होंगे, जैसे ही टकराव की खबरें, साथ ही इन क्षेत्रों से आपूर्ति कम हो जाती है, तेल की कीमतों का समर्थन में मदद मिलेगी।

किसी भी गंभीर टकराव या अत्यधिक उत्पादन में कटौती के बिना, तेल की कीमतें इस साल के अंत तक कम स्तर पर रहेंगी या संतुलित होंगी। COVID-19 महामारी (बशर्ते उस समय तक महामारी समाप्त हो गई हो) के बाद केवल 2021 के करीब विश्व अर्थव्यवस्था को गति प्राप्त होने की संभावना है। ”

OPEC + समझौते की नई शर्तों को मई में लागू करने की उम्मीद है। उत्पादन मात्रा को कम करने के अतिरिक्त उपायों को भी समावेश किया गया है। उदाहरण के लिए, मैक्सिकन राष्ट्रपति ने सभी नए कुओं को बंद करने पर विचार करने का वादा किया।

परिस्थिति से बाहर निकलने का एक और संभावित तरीका अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक नए तेल गठबंधन होना होगा। यह ज्ञात है कि अमेरिकी अधिकारी पहले से ही इस विचार के कार्यान्वयन पर काम कर रहे हैं, लेकिन अभी तक, वाशिंगटन की प्राथमिकता महामारी और कम से कम आंशिक रूप से क्वारेन्टीन प्रतिबंधों का सामना करना है।

 

वित्तीय सर्वनाश: हाँ या ना?

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, निवेशक लंबे समय से वैश्विक सुधार की शुरुआत महसूस कर रहे हैं। एक पारंपरिक सुरक्षित आश्रय परिसंपत्ति होने के नाते, 2019 की गर्मियों में सोने में बढ़त दिखने लगा और 20% से अधिक हो गया।

हालांकि, हर कोई इस बात से सहमत नहीं है कि वित्तीय सर्वनाश बहुत जल्द आ सकता है। हमने उस ट्रेडर से बात की जो एक गुणक का उपयोग करके सोने के CFD पर शॉर्ट करने जा रहा है।

उनका विश्लेषण इलियट वेव सिद्धांत पर आधारित है। संक्षेप में, इस पद्धति का उपयोग करते हुए, ट्रेडर चार्ट को लहरों का एक समूह (सेट ऑफ़ वेव्स) के रूप में मानते हैं, तो उन्हें वर्गीकृत करते हैं और मुख्य प्रश्न “कीमतें कहाँ जाएंगी?” का उत्तर प्राप्त करते हैं।

इस पद्धति का लाभ मौलिक विश्लेषण से इसकी पूर्ण स्वतंत्रता है। विवरण के ट्रेंड में एक लहर जैसी संरचना होती है, जिसको एक एक्सियम के रूप में लिया जाता है। और सभी संयोजन पहले ही हो चुके होते हैं। चूंकि बहुत सारे समाचार कारक थे, इसलिए हम उन ट्रेडर की राय लेना चाहते थे जो उनका पालन नहीं करते हैं।

पत्राचार से:

“दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए सोना उत्साह के साथ प्रतिक्रिया करता है। सीनियर लेवल का वेव नॉर्म (B) पूरा हो गया है। शायद वेव (C) के हिस्से में $ 900 प्रति औंस की बड़ी गिरावट होगी”।

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बचे रहने की दौड़ और ट्रिलियंस का वितरण

किसी भी संकट की तरह, वर्तमान अशांति किसी किसी के लिए घातक होगा। उदाहरण के लिए, अर्जेंटीना अब अपने प्रमुख लेनदारों के साथ ऋण पुनर्गठन पर सहमत नहीं हो सकता है। कुल मिलाकर, यह पहला देश बन गया जो दिवालिया हो गया है।

दूसरी ओर, महामारी से लगभग पूरी तरह से उबर जाने के कारण चीन ने एक अस्थायी लाभ प्राप्त किया। चीन के अधिकारी श्रम बाजार का समर्थन करने हेतु सक्रिय रूप से व्यवसाय को स्टिम्युलेट कर रहे हैं, लेकिन साथ ही, चीनी अधिकारियों ने निर्यात में आई गिरावट पर नज़र रखे हैं – अन्य देशों ने वास्तव में बहुत कम खरीदना शुरू कर दिया है।

वर्तमान समय के संभावित परिणामों की विविधता चिंताजनक है। कोई भी यह सुनिश्चित नहीं कर सकता है कि सरकारों द्वारा विकसित बहाली कार्यक्रम मंदी को दूर करने में मददगार होंगे।

फिर भी, $6 ट्रिलियन से अधिक की रिकॉर्ड-तोड़ अमेरिकी स्टिम्युलास के उपाय चौंकाने वाले हैं। $2 ट्रिलियन उद्धार पैकेज का उपयोग देश के सभी नागरिकों को सीधे भुगतान के लिए दिया जाएगा, और $4 ट्रिलियन व्यापार को समर्थन देने के लिए सॉफ्ट ऋण के रूप में जाएगा। शीघ्र उपायों के परिणाम स्वरूप, अमेरिकी डॉलर अस्थिर नहीं हुआ और अब एक सुरक्षित आश्रय मुद्रा के रूप में काम कर रहा है।

जापानी सरकार एक गंभीर सहायता पैकेज पर भी चर्चा कर रही है। उद्यमों और नागरिकों के समर्थन के लिए $ 1.1 ट्रिलियन मूल्य का एक स्टिमुलस पैकेज परिचालित किया जाएगा। प्रधान मंत्री शिंजो आबे का मानना ​​है कि इन कदमों से GDP वृद्धि 3% से अधिक हो जाएगी।

यूरोपीय संघ के अधिकारी इसी रास्ते का अनुसरण कर रहे हैं: वे यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था में आधा ट्रिलियन यूरो डालने की सोच रहे हैं। इसके अलावा, यूरो क्षेत्र के देशों के नेताओं के बीच “कोरोना बॉण्ड” मुद्दे पर एक गंभीर चर्चा चल रही है। उन यूरो बॉण्ड से सबसे ज्यादा प्रभावित यूरोपीय देशों को उबरने में मदद मिल सकती है।

 

एक ट्रेडर को क्या देखना चाहिए

द्वितीय स्तरीय देश इंसेंटिव प्रति कम उदार हैं। परंपरागत रूप से, वे अक्षम व्यवस्था और आर्थिक विविधीकरण की कमी के कारण संकट के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। ये क्षेत्र वैश्विक व्यापार पर अत्यधिक निर्भर हैं, और वे उच्च विकास दर प्रदर्शित कर सकते हैं।

यदि आप वास्तव में भविष्य के विकास की लहर को भुनाना चाहते हैं, तो ब्राजील जैसे विकासशील देशों पर ध्यान दें। आप ETF MSCI ब्राज़ील 3x में दीर्घकालिक निवेश कर सकते हैं। इस पोर्टफोलियो में ब्राजील की प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।

आप प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के स्टॉक का भी चयन कर सकते हैं जो एक एकाधिकारवादी विशेषताओं को दर्शाते हैं, जैसे कि Facebook और Google। दोनों कंपनियां प्रमुख विज्ञापन प्लेटफ़ॉर्म हैं, और ये संस्थाएं संकट के समय में भी विकास में निवेश करने से कतराते नहीं हैं।

Google स्मार्टफोन का उत्पादन करता है और वेब तकनीक में सुधार लाता है। Facebook भुगतान टूल की भूमिका में खुद को आज़मा रहा है और चीनी WeChat की सफलता को दोहराने की उम्मीद कर रहा है। सरकारों से भिन्न, IT कंपनियां बाजार की जरूरतों से अच्छी तरह से परिचित हैं और अपने गतिविधियों से आगे निकल जाती हैं। यह पैटर्न अक्सर निवेशकों के लिए लाभ उत्पन्न करता है।

 

निवेशक के लिए बिटकॉइन एक सुरक्षित आश्रय के रूप में

2020 की पहली तिमाही में, बिटकॉइन $10000 तक की वृद्धि और $4000 की गिरावट दोनों का अनुभव करने में कामयाब रहा। मीडिया उल्लेख करता है कि परिसंपत्ति शेयर बाजार की गतिशीलता का अनुसरण कर रही थी।

हालांकि, जैसे ही विश्व अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई, क्रिप्टोक्यूरेंसी ने इससे असम्बद्ध एक विशेषता को प्रकट किया – स्थिरता की इच्छा। इसकी पुष्टि $ 7000 के स्तर पर वापसी से की जा सकती है, जहां पर वर्ष की शुरुआत में यह कॉइन कारोबार कर रहा था।

और एक्सचेंजों में बिटकॉइन के ट्रेड की मात्रा में वृद्धि वास्तव में एक और सचेत करने योग्य कारक है। हर दिन यह $ 30 बिलियन के ट्रेड दर्ज करता है, जबकि Q4 में यह लगभग 20 बिलियन डॉलर था। यानी बाजार में मांग बढ़ रही है।

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हम यह नहीं जानते कि इसकी कीमत बढ़ जाएगी, लेकिन एक फ्लैट हमेशा एक ट्रेंड बन जाता है। हमारा काम सही पक्ष लेना है। और यदि हम इस बात पर ध्यान देते हैं कि बिटकॉइन किसी भी देश द्वारा नियंत्रित नहीं है, तो यह मुद्रास्फीति के अधीन नहीं है और प्रसार में सीमित है, इसमें निवेशकों के लिए प्रमुख सुरक्षित आश्रय बनने की सभी संभावनाएं हैं।


जिस ओर भी संकट मुड़ता है, याद रखें – इस लेख में उल्लेखित कारक यह समझने की कुंजी है कि क्या चल रहा है। बाजार बहाल हो जाएंगे, मानवता के लिए चीजें फिर से सामान्य हो जाएंगी, लेकिन तब तक हम स्टॉक रैलियां, मजबूत तेजी के रुझानें, गिरावट और दिवालिया होते हुए देखेंगे। यह वही है जिसके साथ हम दो हाथ करेंगे और धन अर्जित करेंगे।

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